उमेर भगेल सत्तरके
तैइयो हम बाइजरहल छि
जाउ आँहा कुनो करमक नै छि
भितरे भितर गुनगान गबैछि
कोसियारो सँ बेसि मिठ प्रेम करैछि

पापि मन निहारैत सोइचरहल छि
आँहाके कोना कहलौं बुद्धि नहि अछि
हम त आयतक अहिँके बातमानी जिरहल छि
निहारैछि अपन व्यक्तित्व
सुनुन, हम अपन भितर अँहिके देखैछि

राजकाज , बालबच्चा सबसँग व्यस्त
मुदा हमरे महानता लेल रहैछि मस्त
आँहाके दिनभरि के खटनि अध्ययन करैछि
तैइयो कहाजाइय जाउ बताहि , किछ काजके नै छि

कखनो पुजापाठके सराई
कखनो फुलपत्तिमे ओझरायल देखैछि
टिटहि सन सोच राखी बैचेन रहैछि
तैइयो कहाजाइय झूठफुसमे लागल छि
भितर सँ स्नेह रहितो , बाहर हम दुर्जन बनल छि

जीवनके अन्तिम यात्रा बेरमे आँहाके निहारै छि
सबदिन दुर छिः के नाटक केलौं
सत्य कहु, हमर जीवनके अँहि एक मात्र रानी छि
जीवन सँगिनी मजबुत देखि हम भाग्यमानी छि

उतारचढाब सबकिछके भागिदारी छि
हँ , अहिँ सच्चा हमर जीवन सँगिनी छि
हमर डाँटफटकार सहिक
हमरा सम्मान करबालि महान नारी छि

उमेर भगेल सत्तरके
तैइयो हम बाइजरहल छि।